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सोशल डिस्टेंसिंग का पालन लेकिन मुंह के मास्क गले में लटके
उज्जैन प्लेटफॉर्म पर 10 मिनट रुकी श्रमिक स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को उतरने नहीं दिया श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भास्कर की लाइव रिपोर्ट…
उज्जैन. आखिर रेलवे को श्रमिकों की भूख, प्यास का ख्याल आया। सूरत से गाजीपुर जा रही ट्रेन उज्जैन स्टेशन पर दस मिनट रुकी। इस दौरान सवार यात्रियों को कोच में ही भोजन के पैकेट और पानी की बाेतल दी। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर उतरने नहीं दिया। स्टेशन के सभी रास्ते बाहरी लोगों के लिए बंद हैं। आरपीएफ और जीआरपी इसकी निगरानी में लगी थी कि ट्रेन रुकने पर कोई यात्री न उतरे। भास्कर ने सोमवार को श्रमिक स्पेशल से आने वाले यात्रियों का दर्द बयां किया था। उसके बाद रेलवे ने व्यवस्था में बदलाव किया है। अब श्रमिक स्पेशल से आने वाले यात्रियों को स्टेशन पर खाने के पैकेट और पानी की बोतल दी जाएगी।
एक मई से रेलवे ने विशेष ट्रेनों में प्रवासी मज़दूरों को अपने गृहनगर पहुंचाने के लिए 349 ट्रेन उत्तर प्रदेश, 56 बिहार, 39 उड़ीसा, 26 मध्यप्रदेश और 11 ट्रेन झारखंड के लिए चलाई हैं। 6- 6 ट्रेन छत्तीसगढ़, राजस्थान, 4 ट्रेन उत्तराखंड और एक-एक ट्रेन मणिपुर, पश्चिम बंगाल व महाराष्ट्र के लिए चलाई हैं। जिनके जरिए 699931 यात्री अपने गृहनगर पहुंचे हैं। इन ट्रेन में 1200 से 1700 यात्रियों की क्षमता को सामाजिक दूरी के मानदंडों को बनाए रखते हुए बैठया था। इसी क्रम में सोमवार शाम को उज्जैन रेलवे स्टेशन पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन पहुंची। यह ट्रेन सूरत से गाजीपुर जाएगी। इसमें सवार यात्रियों को रेलवे ने 1600 पैकेट भोजन और 1600 पानी की बोतल दी। भोजन के एक पैकेट में 5 पूरियां और आलू की सूखी सब्जी थी। पहले ही वेंडरों को कोच के सामने भोजन और पानी की बोतल के कैरेट रखने के निर्देश दिए थे। जैसे ही ट्रेन रूकी वेंडरों ने यात्रियों को कोच में बैठने का आग्रह किया। इसके बाद यात्रियों को भोजन के पैकेट और पानी की बोतल दी।
24 घंटे से ज्यादा का सफर:
सोमवार शाम को उज्जैन पहुंची ट्रेन सूरत से सुबह 11 बजे रवाना हुई थी। रेलवे अफसरों के अनुसार यह मंगलवार दोपहर 2 बजे तक गाजीपुर पहुंचेगी। ऐसे में 24 घंटे से ज्यादा वक्त के सफर के दौरान यात्रियों को भोजन पैकेट और पानी की जरूरत पूरी की जा रही है। मंडल स्तर पर यह काम हो रहा है। इसी क्रम में उज्जैन स्टेशन पर भोजन के पैकेट और पानी की बोतल दी।